करोना वैक्सीन में क्यों मिलाया गया केकड़े का खून

करोना वैक्सीन में क्यों मिलाया गया केकड़े का खून

(Why crab blood was added to the Karona vaccine)

Covid-19


2019 में आया करोना वायरस इस टाइम सारी दुनिया को बहुत ही अधिक बीमार कर रहा है और लोगों की  बहुत ही अधिक ज्यादा लोगों की जानें जा चुकी है कोरोनावायरस एक टाइप का ब्लू है जिससे लोगों को पहले खांसी जुखाम और हल्का बुखार टाइप में होता है उसके बाद दिया धीरे-धीरे इंदर फेफड़ों को में पकड़ लेता है जिससे कि जिस भी मरीज को या वायरस होता है उसको सांस लेने बहुत दिक्कत होती है और उसको चलने फिरने में बहुत ही प्रॉब्लम हो जाती है

 और वह एक तरफ से लूज़ हो जाता है जिससे कि बहुत ही ज्यादा बीमार हो जाते हैं 

Karona vaccine


और बहुत ही ज्यादा कमजोरी आ जाती है तो इससे बचने के लिए हमारे में साइंटिस्ट लोग और हमारे डॉक्टर इसकी वैक्सीन खोज रहे हैं और कुछ कंपनियों ने इसकी वैक्सीन को खोज भी निकाला था मगर किसी वजह से इसकी वैक्सीन सक्सेस नहीं हो पाई फिर भी इसकी अभी तलाश जारी है 

दुनिया भर के वैज्ञानिक कोरोना वायरस की वैक्सीन तलास रहे है

 और अब इनके परिणाम भी सामने आने लगे हैं. इस कड़ी में मॉडर्ना इंक (Moderna Inc.) का भी नाम जुड़ गया है. COVID-19 की इस वैक्सीन के पहले दो ट्रायल के परिणाम से वैज्ञानिक खुश हैं. अब इस वैक्सीन की फाइनल टेस्टिंग की जाएगी.

Covid 19 vaccine

 लेकिन इन दिनों एक खबर बहुत ही ज्यादा चर्चित हो रही है कि जिससे वैक्सीन का खोज किया गया उसमें केकड़े का खून क्यों मिलाया गया है और इस की क्या आवश्यकता पड़ी जो कि इस केकड़े के खून में हुआ क्या है जिससे कि यह करुणा से लड़ने के लिए सक्षम हो सकता है और मरीज को ठीक करने की संभावना दिख रही है तुम कुछ वैज्ञानिकों ने इसके तत्व बताएं हैं वह मैं आप लोगों को बता देता हूं

Covid 19 vaccine


 लेकिन इन दिनों प्रथ्वी में पाये जाने वाले 10 आंखों वाले हॉर्सशू केकड़े की चर्चा भी खूब हो रही है इसकी वजह है इस केकड़े के खून का कोरोना वैक्सीन टेस्ट के लिए इस्तेमाल. करीब 30 करोड़ सालों से पृथ्वी पर रह रहे हैं.

 इन केकड़ों का खून नीले रंग का होता है इसके खून का इस्तेमाल इंसानों के लिए दवा बनाने के लिए किया जाता रहा है

 और इसी को देखते हुए केकड़े का आकार जो कि एक की घोड़े की नाल के तरीके होता है और इसकी मांग बहुत ही ज्यादा बढ़ रही है और इस क्या ब्लड की बहुत ज्यादा लिया जा रहा जिससे कि कोरोना वैक्सीन को जल्दी से जल्दी बनाया जा सके और लोगों को ठीक किया जा सके जिसकी बहुत ही ज्यादा मांग बढ़ रही है और इसका ब्लड इकट्ठा कर पाना बहुत ही मुश्किल हो रहा है केकड़े का खून पिछले कुछ वर्षों पहले भी महामारी में उपयोग किया जा चुका जिस जो कि एक बहुत ही सक्सेसफुल था इसी को देखते हुए फिर से इसका उपयोग किया जा रहा है

Karona vaccine

 वैज्ञानिक कोरोना वायरस की संभावित वैक्सीन बनाने के लिए इस केकड़ा पर शोध कर रहे हैं इन केकड़ों का ख़ून इसलिए महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इससे ये सुनिश्चित करने में मदद मिलती है की बनाई गयी दवा में कोई हानिकारक बैक्टीरिया मौजूद तो नहीं है.हॉर्सशू केकड़े केकड़े के ख़ून से मिलने वाले ब्लड सेल (रक्त कोशिकाएं) दवा में मौजूद हानिकारक तत्वों की पहचान करते हैं और इस तरह से वैज्ञानिकों को पता चल जाता है कि नई दवा इंसानों के लिए सुरक्षित हैं या नहीं.

 अब ऐसा भी माना जा रहा है

Karona vaccine

 कि की घड़ा जो कि वो भी इस की प्रजाति बहुत ही कम पाई जाती है तो अगर इसको पकड़कर इसके जो भी गले के पास जो नहीं होती उससे उसका ब्लड निकाला जाता है इसका फिर सैंपल की जांच लैब में भेजा जाता है और उसके बाद उसे छोड़ दिया जाता है अब ऐसा सुनने को मिल रहा है कि आप इसके ब्लड की पूरी जांच होगी और इसकी प्रजाति बहुत ही कम है क्योंकि अगर इसकी इससे वैक्सीन बनाई गई तो इसकी प्रजाति यह दुनिया से खत्म भी हो सकती है जिसमें बड़ी संख्या में इसकी वेबसाइट बनाने में इसका ब्लड लगेगा तो एक चिंता का विषय यह भी बना हुआ है

ऐसे मे सावल उठता है, की आखिर फिर इन्हे कैसे बचया जाए क्या बिलुप्त हो रहे इन केकड़ों की जगह किसी और चीज का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है फिलहाल इस पर सालों से शोध जारी है.

Karona vaccine

अमरीका में दवाओं की सुरक्षा के बारे में फ़ैसला लेने वाले संगठन ने बीते महीने कहा है कि वो इस बात की पुष्टि नहीं कर सकती कि हॉर्सशू केकड़े के ख़ून का विकल्प कारगर भी होगा या नहीं.इसके बाद जो कंपनियां अमरीका में दवा बेचना चाहती हैं उनसे कहा गया है कि दवाओं की सुरक्षा के लिहाज़ से उनकी टेस्टिंग में हॉर्सशू केकड़े के ख़ून का इस्तेमाल करना जारी रखना होगा.

Covid 19 vaccine

इसका मतलब ये हुआ कि अगर कोई कंपनी कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाती है और उसे अमरीका में लाखों लोगों तक पहुंचाना चाहती है तो उसे वैक्सीन की टेस्टिंग पुराने तरीके से करनी होगी.और उसके लिए हॉर्सशू केकड़े के विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है


इस मुद्दे पर कुछ दवा कंपनियों का कहना है कि कोविड-19 के वैक्सीन के अनुरूप उसकी टेस्टिंग के लिए उनके पास हॉर्सशू केकड़े के ख़ून का पर्याप्त स्टॉक है और उन्हें अब दूसरे हॉर्सशू केकड़ों से ख़ून निकालने की ज़रूरत नहीं होगी.

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